फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने लॉन्च किया फ्रेंकलिन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड

● स्वामित्व वाले एसेट क्लास सिलेक्शन मॉडल से संचालित विविधीकृत ऑल-इन-वन पोर्टफोलियो

● फंड का लक्ष्य डाउनसाइड रिस्क को मैनेज करना और पोर्टफोलियो वोलैटिलिटी को कम करना, साथ ही इक्विटी टैक्सेशन का लाभ भी देना

मुंबई, जुलाई 2025: फ्रैंकलिन टेम्पलटन (इंडिया) ने आज फ्रेंकलिन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड (FIMAAF) के शुभारंभ की घोषणा की। यह एक ओपन-एंडेड मल्टी एसेट एलोकेशन फंड है जो इक्विटी, डेट और कमोडिटीज में निवेश करता है। यह फंड सक्रिय रूप से मैनेज किया जाएगा और इसका उद्देश्य लंबी अवधि में पूंजी में वृद्ध‍ि करना है। इसमें लार्ज, मिड और स्मॉल कैप सेगमेंट में ग्रोथ और वैल्यू स्ट्रैटेजी के मिश्रण के साथ-साथ डेट, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और कमोडिटीज में निवेश शामिल होगा। न्यू फंड ऑफर (NFO) 11 जुलाई 2025 से खुलेगा और 25 जुलाई 2025 तक चलेगा, जिसमें यूनिट्स ₹10 प्रति यूनिट की कीमत पर उपलब्ध होंगी।

लॉन्च पर फ्रैंकलिन टेम्पलटन–इंडिया के प्रेसिडेंट अविनाश सत्वालकर ने कहा, “इस फंड का लॉन्च हमारे ग्राहकों की प्राथमिकताओं, लक्ष्यों और चुनौतियों को समझने और उन्हें लंबी अवधि के वित्तीय उद्देश्यों से मेल खाने वाले समाधान देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एफआईएमएएएफ एक लचीली एलोकेशन स्ट्रैटेजी अपनाता है जो इक्विटी, फिक्स्ड इनकम और कमोडिटीज के विशिष्ट रिस्क-रिटर्न प्रोफाइल का लाभ उठाने के लिए डिजाइन की गई है। मौजूदा अस्थिर माहौल में, जहां इक्विटी वैल्यूएशन ऊंचे हैं और बॉन्ड यील्ड्स स्थिर हो रहे हैं, ऐसे में गोल्ड जैसी कमोडिटीज के साथ इन एसेट क्लासेस का संयोजन बेहतर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न दे सकता है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम दृढ़ता से मानते हैं कि एफआईएमएएएफ, हमारे ग्लोबल मॉडल से निर्देशित होकर — जो मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर्स को पोर्टफोलियो मैनेजर्स की क्वालिटेटिव इनसाइट्स से जोड़ता है — हमारे ग्राहकों के लिए एक प्रभावशाली इन्वेस्टमेंट सॉल्युशन साबित हो सकता है।”

फंड की निवेश रणनीति पर, फ्रैंकलिन टेम्पलटन के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर – (इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी – इंडिया) जानकीरमन आर ने कहा, “इक्विटी निवेश पोर्टफोलियो वृद्धि के लिए आवश्यक हैं, लेकिन इनमें स्वाभाविक रूप से अस्थिरता और समय-समय पर गिरावट होती है। भारत के लिए हमारा लंबी अवधि का दृष्टिकोण सकारात्मक है, लेकिन निकट भविष्य में बाजार पर प्रभाव डालने वाले कुछ कारक हैं – जैसे कि सीमित आय वृद्धि, ऊंचे वैल्यूएशन और जियो-पॉलिटिकल रिस्क। ऐसे में डेट और गोल्ड जैसे अन्य एसेट क्लासेज में एक्सपोजर पोर्टफोलियो को अस्थिरता और गिरावट से बचाने में मदद कर सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम एक ऐसा फंड पेश कर रहे हैं जो कई एसेट क्लासेज में विविधता लाता है। इक्विटी एलोकेशन के लिए एफआईएमएएएफ एक बॉटम-अप क्यूजीएसवी (QGSV) फ्रेमवर्क (क्वालिटी, ग्रोथ, सस्टेनेबिलिटी और वैल्यूएशन) का उपयोग करता है और सेक्टरों और मार्केट कैप में अच्छी तरह से विविध रणनीति अपनाता है।”

फ्रैंकलिन टेम्पलटन के सीआईओ– इंडिया फिक्स्ड इनकम, राहुल गोस्वामी ने कहा, “पिछले 20 वर्षों में टॉप-परफॉर्मिंग एसेट क्लास समय-समय पर इक्विटी, फिक्स्ड इनकम और कमोडिटीज के बीच बदलता रहा है। इस कारण समय के अनुसार इन तीनों में संतुलित एलोकेशन वाला पोर्टफोलियो निवेशकों को कम जोखिम के साथ विकास का अच्छा अवसर दे सकता है। डेट हिस्से का लक्ष्य सुरक्षा, तरलता और रिटर्न में संतुलन बनाए रखना है, जिसे पोर्टफोलियो मैच्योरिटी को एक्टिव रूप से मैनेज करके हासिल किया जाएगा। इन-हाउस रिसर्च के माध्यम से, हमारी टीम क्रेडिट रेटिंग से आगे जाकर उच्च गुणवत्ता वाले फिक्स्ड इनकम अवसरों की पहचान करेगी, जिसमें मुख्य रूप से एएए रेटेड इंस्ट्रूमेंट्स पर ध्यान रहेगा।”

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